सत्यार्थ-प्रकाश परीक्षा प्रश्नपत्र Thanks Bharat

नीचे दिए गए 10 प्रश्नों के उत्तर सीमित शब्दों में (कम से कम शब्दों में संतोषजनक) उत्तर देवें। उत्तर संख्या डालकर (1, 2, 3 आदि) देवें। अंत में अपना पूरा पता व फोन नो भी देवें। यह प्रश्न पत्र केवल 1 घंटे तक ही आपको दिखाई देगा। एक ही कमेन्ट में सभी उत्तर व अंत में पूरा पता व संपर्क सूत्र देना होगा| लड़कियां अपना पता व मोबाइल no हमें thanksbharatmaa@gmail.com पर मेल करें| आपको कुछ समय बाद आपका कमेन्ट दिखेगा एकदम से नहीं| इसलिए परेशान होकर बार बार कमेन्ट न करें|

10 अप्रैल को विजेताओं के नाम व भाग लेने वालों के लिए 125 अमूल्य पुस्तकों के पीडीएफ लिंक सायं 6 बजे वेबसाइट पर ही दिए जाएंगे। pdf books भी केवल 1 घंटे तक यानी 6 से 7 बजे तक डाउनलोड की जा सकेंगी।

  • Thanks Bharat से आपके जीवन में क्या परिवर्तन आया है?
  • धर्मग्रंथों में मिलावट कैसे पहचाने?
  • हिन्दुओं का उत्थान कैसे होगा? केवल दूसरों को बुरा-भला कहकर अथवा स्वयं को पहचानकर? क्या आपको लगता है Rahul Arya सनातन धर्म के नाम पर आई बुराइयों पर अत्यधिक कठोर आघात करते है?
  • गुरुकुल में आपसी फूट पर दिए एक व्याख्यान का वीडियो आपने देखा होगा। आपसी फूट व द्वेष न्यूनाधिक सभी संगठनों, मित्र मंडलियों व परिवारों में है। व्याख्यान में हमने एक शब्द बताया था कि आपसी मतभेद की अवस्था में हम एक दूसरे को गाली देने के स्थान पर ……………………..।
  • प्रत्येक प्राणी किसकी प्राप्ति के लिए प्रयत्न करता है?
  • मनुष्य को कौन सा गुण महान बनाता है जिसको कुछ लोग दिखावा भी कहते है? क्यों? (V.Imp.)
  • आपका कोई एक गुण बताइये जिसको आप किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहोगे।
  • आपका कोई एक अवगुण बताइये जिसको आप दूर करने का प्रयास करोगे।
  • क्या आप प्रतिदिन ओ३म् का जप करते है?
  • आपके जीवन की कोई एक घटना जो अन्य लोगों के काम आ सकती है।
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578 Comments

  1. नमस्ते जी.
    Comments me comment nahi dikh rahi thi isi karan punh comment kar rahi hu…..क्षमस्व।।।।।
    1)aantarik ,bahya parivartan
    Aantarik parivartan:samadhan mila
    Bahya parivatan:satya ki rah par chalne ki prerna mili.
    2)tark ke kasoti par utarna chahiye .
    koi bhi kary karnsahit hona chahiye aur purwapar sambandh hona chahiye
    3)satya ko apnakar ;matlab swaym ko pahchan kar;nahi muze nahi lagta ki kathor aaghat hai,vaidik dharmi n sirf satya ko pahchanne ka marg dikhate hai balki sanatan dharm me vidharamiyone milai hui (apne bure swarthhit ke liye)kuritiyon ko batate hai
    4)matbhed karo,par manbhed nahi..
    5)sukh ,shanti,samadhan
    6)satya sanatan dharm (manavta batata hai)manushya ko manushya banata hai.
    7)apni kamjori kisi ko n batana (gun -avgun kisi ko n batana
    8)maa(uski negativity)ko handal n kar pana
    9)ha
    10batana imp nahi samjti..

  2. Rahul Bhai Isse Ek baar jarur pde 🚩🚩🕉 1-Me ek batka hua yuvak tha mujhe ek muslim bhai ne kai sawal kiye aur me pehle uske Jawab Nhi de Pata tha lekin ab jabse bhai Rahul Arya Ke Baare me Pta laga Tab se Thodi bhout knowledge ke saath ab thoda bhout sikh paaya hun aur apne Iss Kam Hue Gyan Me vridhi Karna Chauga Grantho ko padne ke baad.
    2-मनुष्य को उसका ज्ञान ही महान बनाता है जब तक मनुष्य को अपने जीवन का लक्ष नही पता होगा तब तक वह ना तो अपने वर्तमान को संभाल पायेगा और न ही भविष्य।
    3-हिन्दुओ का उथान केवल अपने धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने से होगा केवल यही है जो हिन्दुओ के पतन को बचा सकता है
    4-प्रत्येक प्राणी केवल अपने जीवन मे सुकून ढूंढता है जिसकी प्राप्ति के लिए वे पूरा जीवन ही समर्पित कर देता है
    मेरे जीवन की एक घटना
    जैसा कि मैने बताया मुझे सनातन धर्म के बारे में कुछ भी नही पता था जिस कारण मुझ पर एक मुस्लिम ने सवाल दागा उस ने कहा कि तुम शिव के लिंग (पुरुष गुप्तांग) की पूजा करते हो पहले तो मुझे यकीन नही हुआ लेकिन जब उसने मुझे जरजिस अंसारी की वीडियो दिखाई तो मेरी आँखें खुली कि खुली रह गयी ।।
    में काफी निराश हुआ परंतु मुझे अपने वैदिक संस्कृति पर पूरा विश्वास था उस मुस्लिम ने मुझे बहुत भड़काया किन्तु में नही माना और आखिर में मुझे राहुल आर्य भाई के बारे में पता लगा और फिर अमित आर्यावर्त और अंकुर आर्य इन सब को में पिछलें आठ महीनों से देख रहा हूँ काफी कुछ सीखने को मिला है और में चाहता हूं कि और भी कुछ सिख जाऊं ।।। जय श्री राम
    नाम:अभिषेक
    निवास:रुड़की,उत्तराखंड देवभूमि
    फोन:7060598331
    धन्यवाद
    सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय

  3. नमस्ते जी
    आप बहुत अच्छा कार्य कर रहे हो सोये हुए हिंदुओ को जगा रहे हो और युवाओं के लिए बहुत कुछ है जो आपकी इन वीडियो से सीख सकते हैं

  4. Savayam ko pana hi Sab kuchh hain,
    Name- Om Kumar Singh
    Address- Telibagh, near by Shri Vardani hanuman mandir lucknow, Up, pin code 226029, mob-8318262377

  5. 1. Hamare vedic Sanatan Dharam Ko or gahrai se samajhne lge hai.
    2. Jab kisi ek topic or baat chal the hai or uske beech me koi or milta julta topic add kar diye Jane se PTA lag Sakta hai.
    3. Vedo Ka Gyan le kar or unka anusaran kar ke.
    4. Video to bhi dekhi par saath bath kar baat karke kisi bhi vivad Ko samapt Kiya ja Sakta hai .
    5. Partek prani hamesha kuch sikhne ka paryas karta hai bacche ki Umar se lekar Maruti tak.
    6.satya bolne or karm karne ka.
    7. Magnet se Kam karne ka.
    8. Smoking
    9. Ji bilkul vedic Sandhya k saath
    10. Mata pita Ko khona. Apne Mata pita ki seva kro unke bina kuch bhi acha nahi lagta

  6. नमस्ते आर्य जी
    1 थँक्स भारत परिवार के माध्यम से हमे बहुत आशा आगी है। क्यूंकि इससे पहले हिन्दुओके लिये जितने भी मंच बनाये गये वो सभी काळ कलाम से विकृत हो गये।
    परंतु थँक्स भारत 1 यौ ट्यूब चॅनेल है ऊन सबसे अलग है।
    और शायद ऊन सबका बॅक बोन हो सकता है।
    ज्ञान के हेतू ये अच्छा कदम है।
    इस परिवार से जागृती हो सकती है और जो भी व्यक्ती जो बहार संकोच के मारे कुछ धर्म के हेतू काम करणे माई लजा जाते है उनको भी ये आत्मविस्वास प्रदान कर सकता है।
    बिल्कुल इसी प्रकार ये परिवार मुझे संकोची बनने से रोखता है।

    2 धर्म ग्रंथो मे मीलावत आएको प्रकार से हुई।
    परंतु धर्म के जो सिद्धधांत है वो तो कभी बदलणे वाले नाही है इसलिये कोई विद्वान से चर्चा करके तर्क पूर्ण परिस्तितिसे कुछ हद तक मदद हो सक्ती है।

    3 हिन्दुओका उत्थान अपने कर्म से होगा।
    हिन्दुओको चाहिये कि वो पूर्ण रूप से धार्मिक बने वेदोका पालन करे। धर्म का अनुष्ठान करे और बाहर कि जिंदगी मे निडर उदार परोपकारी बने। सज्जनो के साथ हमेशा खडा रहे दुर्जनो का कभी साथ ना दे। यदी इतना भी कर लिया जाये तो बहुत बडे नुकसान को टाला जा सकता है।
    माननीय राहुल आर्य जी विद्वान कि श्रेणी माई आते है। इसलिये वो बहुत सारे यैसे विकृतियोंको सामने रखते है साथ माई तर्क भी करते है। ये काम बहुत अच्छा है।

    4 गुरुकुल माई आपसी फूट अंग्रेजों कि देंन है।
    सिर्फ गुरुकुल हि नाही हिन्दुओके घर मे भी आपसी फूट पड गयी है। आपसी फूट का मतलब एक इस्ट के प्रति घृणा। अच्छे कर्म करणे वाले आर्यों को इस अवगुण से बचना चाहिये। यादी कोई मतभेद हो तो शास्रार्थ करे तर्क पूर्ण बाते कारे और किस कर्म से अधिक लाभ होगा और जो धर्म संगत है वही करें।

    5 प्राणी हमेशा सुख कि हि कामना करता है। अधिक सुख मिलने पर वो परमात्मा को भी भुलने को तय्यार है। ये श्लोक किस ग्रंथ से है ये तो नाही पट पर इसमे बहुत सच बताया गया है
    असतो मां सदगमय
    तमसो मां ज्योतिर्गमय
    मृत्यो मां मृतं गमय
    शांती शांती शांती
    प्राणी सदा के लिये सुखी होकर अमर होना चाहता है।

    6 मनुष्य के दान परोपकार और वैराग्य ये श्रेष्ठ गुण है इसका बहुतांश लोग दिखावा किया करते है।

    7धर्म पर श्रद्धा हि मेरा सबसे बडा गुण है ये माई मानता हु क्यूंकि सिर्फ याही 1 यैसा तत्व है जो व्यक्ती के अंदर के सदगुणो का सन्मान करता है दुर्गोणो को दबाता है। और व्यक्ती को अच्छे कर्म के लिये प्रेरित करता है

    8मे ब्रह्मचर्य का पालन नाही कर पाया ये हि मेरा अवगुण है। इसका कारण अज्ञान है।

    9 ओम का जप तो होता है पर इसका कोई नियम मेरे जीवन मे नही है।

    10 मेरे जीवन मे मेरे साथ कुछ विशेष तो नाही हुआ अब तक लेकिन मे यः कहना चाहता हु अपने भाईय्यो से अज्ञान के चपेट माई आकार ह्मणे बहुत बडी गल्तिय कि है जैसे कि ब्रह्मचर्य का पालन ना करना जिससे कि हमारी हि हानी होती है। इसलिये संयमित जीवन को जिने हेतू और इसी परंपरा को आज बंधने हेतू माता पिता का जागरूक होना अधिक जरुरी है। इसलिये आज कि बनाई हुई निव पर हि आगे महल खडा होगा ये सोचकर कर्म करे।
    धन्यवाद।

  7. 1. थैंक्स भारत परिवार से जुड़ने के बाद में अपने धर्म को मूल रूप से समझने लगा हूं मुझे जीवन की दिशा और दशा का ज्ञान हो गया है।

    2 किसी भी धर्म ग्रंथ में विरोधाभासी बाटे होने से तुरंत मिलावट का पता लग जाता है। हर घटना के पीछे कोई न कोई कारण होता है। बिना कारण के अगर कोई बात है तो आसानी से पता लग जाता है कि वह मिलावटी है।

    3. अपने धर्म को सही रूप से जानकारी से ही हिंदुओं का उत्थान हो सकता है । थैंक्स भारत परिवार कभी किसी को बुरा भला नहीं कहता, लेकिन जो हमारे सनातन धर्म पर उंगली उठाएगा तो उसे वैसे ही जवाबों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।

    4.गाली देने के स्थान पर हमें तर्क करना चाहिए गलत को छोड़ देना चाहिए और अच्छे बातों को ग्रहण करना चाहिए

    5. सत्य और ईश्वर की

    6. परोपकार का गुण ही मनुष्य को महान बनाता है। परंतु स्वार्थी और लोभी लोग इसे अपने दृष्टिकोण से देखते हैं और इसे ढोंग और धकोसला बताते हैं।

    7 ज्ञान अर्जित करना एवं सदा सीखते रहने का गुण

    8.क्रोध, क्योंकि क्रोध बुद्धि को हर लेता है

    9. जी

    10. मेरे कार्यस्थल पर कोई मुसलमान मित्र भी मेरे साथ कार्य करते है। वह हमेशा अपने आप को पाक और साफ सुथरा बताने का प्रयास करते थे। एक बार उनके कुरान और धर्म पर चर्चा प्रारंभ हुई तो, सब भाग खड़े हुए। उसके बाद से मैं कभी भी उनके समक्ष जाता हूं तो सभा में शांति पसर जाती है

    Pawan Kumar Singh
    Near pench valley ground
    po– parasia
    district Chhindwara
    MP 480441

    Mob 7000909535

  8. 1.Me secular tha ab hindu bana hu.Thanks bahart ki waja se muje apne dharm or etihas ka hi ni islam ki asliyat ka b pta chla
    2.vedo ko virudh koi b karya ho ore 1 bat k 2 alag arth ho
    3.khud ko ore dharm ko jan k hi nahi balki bakiyo ko b dharm k prati jagruk kar k jo rahul bahi kar rahe hai mere jaise kitne hinduo ki ankhen kholi apne 🙏
    4.video nahi dekhi par itna kahuga shanti ore vinamrta se
    5.dhan ,sukh ore samridhi ki ..
    6.jab wo satya ore gyan ki bat krta to kuch murkh use dikhawa kehte hai
    7.Imandari
    8. Gussa
    9 Nahi .
    10.dance ka bahut intrest tha but darta tha log hassege college me but ek din than liya putra hafta akele practice ki ore winner b bna ore seekha ha ki jis chiz se dar lage us ka dat kr mukabala karo kabi na kabi saflta zarur milegi

    Name -Rajat Raina
    State -jammu,Talab Tillo,camp,Amar colony , pin code 180002 , j&k
    Mobile-9682502480

  9. नमस्ते आर्य जी
    1. Thanks Bharat से यह परिवर्तन आया कि राहुल आर्य जी को देख कर एक आश जगी कि अब हमारे कृण्वन्तो विश्वमार्यम के स्वप्न को एक नई क्रांति की ज्वाला मिल चुकी है। अब हमारा स्वप्न जरूर साकार होगा।
    2. जो धर्मग्रंथ ओ३म् या अथ से शुरू होते हैं केवल उन्ही ग्रंथों का स्वाध्याय करना उत्तम है, और जो ग्रंथ श्रीहरि या गणेशाय नमः से शुरू होते हैं उन्हें खोल कर भी नही देखना चाहिए।
    3.अगर स्वयं हमारे अंदर कमी है तो दूसरों को भला बुरा कहने का कोई लाभ नहीं और अगर हमें अपनी गलती या अपने चरित्र को सुधारना है तो केवल एक ही मार्ग है और वो है ‘आओ लौटें वेदों की ओर’।
    4. जबतक हम अपने आप और आपसी मित्रो को साथ लेकर नही चलेंगे तब तक हम उन्नति नही कर सकते इसलिए हमें एक दूसरे को गाली देने के बजाय तर्क-वितर्क करके समस्याओं का समाधान करना चाहिए इसी मैं सब की उन्नति है।
    5. मनुष्य समाज की उन्नति के लिए चाहे कितना भी कार्य करे लेकिन उसका सबसे बड़ा और श्रेष्ठ लक्ष्य ईश्वर प्राप्ति अर्थात मोक्ष की प्राप्ति होना चाहिए।
    6. महान बनने के लिए हमें किसी महान के महान सामर्थ्य की ही आवश्यकता होती है और परम् पिता परमेश्वर से बड़ा महान सामर्थ्य वाला इस ब्रह्मांड में कोई नही है क्योंकि वही सर्वसामर्थ्य वाला परमेश्वर है। ईश्वर के सामर्थ्य से हमारे विचारों में सात्विकता और आत्मबल बढेगा और इन्ही विचारों से श्रेष्ठ कर्मों का कारण निर्धारित होगा और उस कारण से कार्य को बल मिलेगा और इस प्रकार के कार्यों से समाज तथा हमारी उन्नति होगी होगी।
    7. हमारे समाज कोराम राज्य बनाने के कार्यों की वृद्धि के लिए आवश्यक अपना पूर्ण पुरुषार्थ का गुण।
    8.जितना मुझे ज्ञात है कि हमारी अवनति का सबसे बड़ा कारण आलस्य प्रमाद है अतः हम अपने आलस्य को त्याद पुरुषार्थ की एयर आगे बढ़े।
    9. जी बिल्कुल, संध्योपासना के मंत्र आदि दोनो समय।
    10. जब मैं शुरू में वैदिक संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ता था तो कुछ अन्य अवगुण मुझे पीछे भी धकेल देते थे लेकिन वो कहते है ना बुराई कितने दिन तक अच्छाई के आग टिक पाएगी, और वही हुआ जो होना चाहिए था बुराई पर विजय प्राप्ति।
    धन्यवाद आर्य जी इस प्रतियोगिता के लिए।।

  10. Jalam singh rathore ,village- garhi champawatan, post -bagthal, teh- bhaniyana , dist - jaisalmer , rajasthan pin - 345021 9829522277 ,7975017904 says:

    1. मैं अपने धर्म के प्रति जागरूक हो गया मेरा भारत महान इसलिए हैं इस चीज को समझ पाया हिंदू धर्म की महानता को समझ पाया आज मैं भी हर देशद्रोही और सनातन धर्म पर आघात पहुंचाने वाले को जवाब दे सकता हूं

    2. कालचक्र के अनुसार हर एक घटनाक्रम एक दूसरे से जुड़ा हो

    3. हिंदुओं का उत्थान स्वयं को पहचान कर होगा यह बात सत्य है rahul arya ji सनातन धर्म पर आई बुराइयों पर अत्यधिक कठोर आघात करते हैं

    4. सत्य

    5. प्रत्येक प्राणी भोजन की प्राप्ति के लिए प्रयत्न करता है

    6. मनुष्य अपनी बुद्धि से वेदो का ज्ञान प्राप्त करके उसके द्वारा बताए हुए रास्ते पर चलकर मानवता और जीवो के लिए अच्छे कर्म करके अपने आपको महान बना सकता है क्योंकि यह शरीर अनिश्चितकाल के लिए हैं और आत्मा अजर अमर है

    7. मेरे लिए अपना धर्म सर्वोपरि है अपने धर्म को बचाने के लिए उस को आगे बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकते हे

    8. मुझे गुस्सा बहुत ज्यादा आता है

    9. मैं इंडियन आर्मी में हूं तो हमारा टाइम टेबल उसके अनुरूप नहीं है जब कभी भी समय मिलता है मौका मिलता है मैं ओउम्र का जप अवश्य करता हूं

    10. मैंने एक बार गांव में पागल कुत्ते को पकड़कर गांव वालों को उसकी होने वाली हानि से बचाया इसके अलावा आतंकियों और देशद्रोहियों से लड़ना ही हमारा काम है

  11. 1थैंक्स भारत के बजेसे मेरा ज्ञान का बृद्धि हुआ और मैं बैदिक धर्म के बारेमें जान पाया
    2 किसीबी धर्म ग्रंथ को बिरुधा भास श्लोक के माध्यम से जाना पडेगा।
    3 हिन्दुओ का उत्तानआपनी ज्ञान बरुदही से हो पायेगा।
    स्वयंको जान कर। राहुल आर्य हमारा ज्ञान बृद्धि कारने मैं मदत् करते है।
    4 एक दूसरे को समझने चाहिए।
    5 अपनी ज्ञान और मौक्ष प्राप्ति कारने मैं प्रयाश करना चाहिए।
    6 मनुष्य खुदका कर्म से महान बनता है। क्यूंकि कर्म किया बिना संसार का उपकार किए नहीजाता।
    7 खुद का चरित्रअ किसि बी कीमत पर खोना नही चाहता हूँ।
    8 मेरा एक बुरी आदत है काम को टलान।इसे मैं दुर करनेमे प्रयाश करूँगा।
    9 हाँ ।करता हूँ।
    10 अज्ञान से मैं ब्रह्मचर्य पालन नही कर पाया । इसे हर किसको पता होना चाहिए । ब्रह्मचर्य सन्देश देना चाहिए

    धन्यवाद राहुल जी
    Mobile phone:7978791513
    Prashanta Kumar behera
    At chinmaya mess college square, soro
    Pin code 756045

  12. Name Ashitosh Patange
    Address shree ganesh apartment varkhade nagar katraj pune 411046
    Mo no.8605810144

  13. 1, थैंक्स भारत से मुझे रामायण और गीता की मिलावट के बारे में पता चला।
    2, थैंक्स भारत से।
    3, अपने आप को पहचाना। सनातन धर्म का ज्ञान होना।

  14. 3. वेदों एवं आर्ष ग्रंथों को जानकर ही हिंदुओं का उत्थान संभव है। स्वयं को पहचानकर । राहुल आर्य बुराइयों पर सही आघात करते हैं।
    5. सुख।
    6. सत्य बोलना।
    7. सत्य बोलना।
    8. आलस्य।
    10. मैने जो भी अपना धर्म व वर्तमान भारत की स्तिथी को जाना, वह वैदिक धर्म पर विश्वास करके।
    Anshuman Dhingan
    C 87 gali no 17 village gokalpur delhi 94
    8750289637.

  15. (10 ). Mere jeevan ki ghatna -:

    Aaj se kareeb 2 saal pehle ki ghatna hai , garmiyo ke din chal rahe the mai kaafi vakt se mandir nahi jaa paa raha tha kyuki un dino mai bahut vyasth chal raha tha, ,halaki mai bhagwan ki pooja roj karta tha par mai mandir nahi jaa paata tha,,, to un dino maine tay kiya ki mai somvaar ko mandir jaaungaa aur shivling ka bahut hi achhe se dugdhabhishek karoonga, ,, aur us din mai ghar se doodh lena bhool gaya aur raste me maine socha koi baat ni mandir k aas pass kahi doodh mil jaayega aur jab mai mandir pahucha tab mai bahut si Dukaano me gaya parantu doodh kahi ni mila aur is dauran kareeb 30 se 45 min mai bhataktaa raha parantu doodh ni mila fir mai doodh dhoondhte dhoondhte mandir se bahut door aagaya fir jaake muje doodh prapt hua, , aur fir mai mandir gya aur jaise hi mai mandir jane laga to vaha Bandar mil gaye aur unhone mera doodh le Liya aur use pee Liya aur fir mai hatash ho gaya aur socha ki mujhe kareeb ghanta bhar lag gaya doodh lene me aur vo bhi mai shiv ji ko chada ni paaya. . Halaki mujhe pata tha ki mera doodh ek prakar se bhagwan ne hi piya hai aur mujhe is baat ki khushi bhi thi parantu meri bahut dino se ye abhilasha thi ki mai doodh se shivling ka abhishek karoo, ,,,, 😊
    Fir meri antaraatma ne vaha kaha ki sayad bhagwana tumhari pariksha to ni le rahe ki tum itne dino se doodh chadhna chahte ho kya chada paoge, ,, fir ek or mere dimaag me chal raha tha ki doodh koi jaroori nahi hai bhagwana to bas bhakt ki bhakti se parsann hote hai par maine kaha ni mai doodh bhi chadhaongaa fir mai vapas gaya 1km kareeb doodh lene paidal kyuki mai is ghatna k dauran paidal hi tha aur ant me mai doodh lene gaya to jisse maine doodh Liya tha uske pass bhi khatm ho gaya tha aur fir mai aur thodi door gaya fir vaha jake mujhe doodh mila to mai fir se vapas jake mandir gaya aur anttah maine shivling pe doodh chadaya, ,, aur is poori ghatna k dauran mai paidal chalte bahut thak gaya aur poore sareer me paseena tha mere par maine apna vachan nibhaya man hi man jo maine shivling pe doodh chadhne ka khaya tha aur doodh chadate vakt mera Sar ka paseena bhi shivling pe chadha. ☺….. … jai bhole Nath

    Isse ye seekh milti hai ki ishwar hamari pareeksha lete hai jo ki vo pariksha hamari apne aap se hi hoti hai, ,,to us vakt hame dhairya se us pareeksha me dridhtaa se safal hona padta hai. ………
    .

    Thanks. ……..

    (9). Mai roj subha utthe hi om ka uchharan karta hoo, Maha mrityumjay mantra, gayatri mantra, vishwani dev mantra ka jaap karta hoo aur mangalvaar k din hanuman chalisa bhi padhta hoo. . aur mai yoga karte vakt bhi om ka uchharan aur jaap karta hoo. …..

    (8) mera ek sabse bada avgun yah hai ki mujhe krodh bahut jaldi aata hai, ,,,
    Par yah bhi baat hai ki mujhe koi vyarth krodh ni aata jab kahi kuch galat ho raha hota hai , aur galti karne vala aur teevra ho rha hota hai apni galat harkato par us samay uske virodh me mera gussa aur badh jata hai. ……..

    (7). Mere sabhi guno me jo mujhe sabse achha gun lagta haii vo ye hai ki mai kisi bhi vyakti ko kisi bhi prakar ke dukh, pareshani me nahi dekh saktaa. ..chahe vo koi bhi ho aurat, bachhe, bujurga, jaavan ,, ya fir vo koi jaanvaar bhi kyu na ho … jaise ki agar koi bhookha hai to mai apna khana usko de deta hoo koi bimaar hai use bhi mai doctor k pass dikhane le jaata hoo saath me ya mera koi dost ya rishtedaar ko paiso ki jaaroorat hai to unki madad karta hoo.janvaro ko bhi kahana khilata hoo, gaaayo ki madad karta hoo, , aur bahut baar kutto ko khujli ho jaati hai mere aas pass rehte hai unke liye powder bhi lata hoo khujli vala jinse ve theek hote hai. …..100 baat ki 1 baat mai kisi bhi praani ko takleef me ni dekh sakta
    .. ….

    (6) manushya ko uske karma maahaan banate hai :::: ek kahavat hai

    “””Janam maran k madhya hai jeevan karma pradhan, ,, ujjwal jiska karma ho jeevan vahi maahaan, ,,,,,.

    (5 ). Pratyek manushya sukh, shanti, samriddhi, naam ,, paiso ityadi k liye prayatn karta haii. …

    (1).thanks bharat se Mere jeevan me bahut badlaav aaya kyuki Rahul bhai ki vajah se mai ab poorna satya ko jaana pata hoo, ,, tark k hisab se satya se aur pramaan se ab mai bahut kuch Jaan paya hoo jaise ved puraan ramayana Maha bharat ityadi aur mukhya baat jeevan ko ab sahi roop se samajhne laga hoo

    (2) jab ham arya samaj se judenge, , snatan dharma aur vedo ko padhenge jo ki sahi jo jaise ki Rahul bhai batae hai ki sahi granth kharide jo ki jhajjar gurukul se milti hai. …

    (3) hinduo ka uddhar tab hoga jab ham sab ki vichaar dhara ek hogi na ki ek doosre ko koste hue aur aapne ko bhi pehchana bhi bahut avashyak hai kyuki isse ham apne aap ko jayenge aur jeevan path ko jayenge aur apne karya ko sahi pehchanenge aur Rahul bhai aap bahut achha karya kar rahe hai aur keval satya bolte hai jisse ki sachhe manushya ko kisi bhi prakaar ka aghat ni lagta, ,, agghat unko glata hai jinme sachhi sunne ki koobat ni hai.

    (4).apas me ladne jhagadne se kuch ni hoga hamko ek hokar satya ko jaana hoga aur auro ko bhi jaagrook karna hoga jisse ki ham fir se akhand bharat bana paaya jo ki pehle tha. .. kyuki jab ham ek honge ,hmari vichaar dhara ek hogi aur ham ek doosre k liye balidaan denge tabhi bharat ko ham fir se akhand bana sakte hai aur isse vishwaguru bhi bana sakte hai jo ki ham pehle the aur yahi sab pehle gurukulo me sikhaya jata tha ki hame ekta aur samarpan ki bhawna me sadaiv rehna hai. …………….

    Thanks to thanks bharat channel and Rahul arya….

    Mera parichay

    Vishal shah

    Sitapur (up )
    Saraffa mandi

    7348226026

  16. 1.Thanks bharat mere jeevan me sahi aur galat ko kaise pahichan sakte.
    2.Jo sabdh, arth aur unke bich jo sambandh ho usko prakurti ke jiske pahichane.
    3.Hindu ka uttan apne ap ko pahichan kar hoga.
    5.Har prani shukh kisi prapti ke liye prayatna karta hai aur shukh dharm se hota hai.
    6.Acche karm ka log ese dekhawa isliye kahete kisi wo sab aesa nahi kar sakte.
    7.Gyan.
    8.Bure karm.
    9.Haan.
    10.Jab meine satyarth prakash padi.

  17. Rahul Bhai meri comment aap tak pahuchi ke nahi ye to me nahi janta lakin prasan uttar ek dam saral the or mene un sab prasano ke uttar sahi sahi diye h

  18. भैया ,माफ किजिएगा लेकिन मेरा उत्तर अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है ।१०मिनट बीत गए हैं।
    उद्भव उत्कर्ष
    पुरानी बाजार , वार्ड -०१ ,नकटियागंज, पश्चिम चंपारण, बिहार। बोधी टी होटल के निकट।
    फोन- ७००४१०९८५७
    Email udbhawbth1425@gmail.com

      1. मेरी भी समस्या है। बहन आज तक मेरे उत्तर यहां दिखाई नहीं दिए। मैंने 6:59 पर उत्तर जमा किए थे। कृपया मेरी सहायता करे 🙏

  19. 1. satya ka gyan hua aur vedic dharam ke bare mai jana
    2. jo baat sarvagnic na ho vo milavat hai
    3. jab ham sab bhed bhav bhul kar ak ho jayge,haaaa
    5 ishwar parampita parmatama ko prapt hona
    6. satya ka
    7. my problem solving power
    8. ghamand
    9. kabhi kabhi karta hu par roj karni ki kosis hai
    10. mane aapni bhudi par ghamand kia tha par jivan nai mujhe bhot bada dhaka mara aur mai aabhi tak sambal nahi paya hu sabse bira ghamand hai joske katan ravan bi mara gua tha

  20. भाई मेरा फोन खराब था इसलिए मैं बाद में जुड़ा
    1 थैंक्स भारत परिवार से जुड़ने के बाद मेरे जीवन में एक अद्भुत बदलाव आया और मैं पौराणिक विचारधारा से हटकर आर्य समाज वैदिक विचारधारा से जुड़ा और मैं एक आज आर्य समाजी हूं
    2. अपनी तर्क बुद्धि से और अपने विवेक से धर्म ग्रंथों में मिलावट पकड़ी जा सकती है और जो प्रकृति के विरुद्ध और विज्ञान विरुद्ध तारक संगत चीजें ना हो
    3. हिंदुओं का उत्थान तभी हो सकता है जब वह झूठ और पाखंड के स्थान पर विज्ञान और धर्म को महत्व देंगे जातिवाद छुआछूत को दूर करेंगे और आपसे भाईचारा बनाएंगे वरना पहले की तरह ही हिंदू करते हैं और मरते रहेंगे पहले विदेशी आक्रांता ओं ने आपसी फूट डालकर राज किया अब जरूरत है जागरूक होने की
    4. गुरुकुल में आपसी मतभेद को दूर करने की शिक्षा दी जाती है वहां पर सभी वर्ण के बच्चे पढ़ते हैं जिससे ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य का निर्धारण किया था
    5. प्रत्येक प्राणी को पहले अच्छे जीवन की कामना करनी चाहिए अगर जीवन होगा तो सारी चीजों की प्राप्ति की जा सकती है और जीवन के साथ साथ बुद्धि का भी होना विशेष अनिवार्य है
    6. मनुष्य को धर्म पुस्तक पढ़ने से यह सुनने से लाभ नहीं मिल सकता जब तक वह आचरण में लाइन आ जाए अपनी तर्क बुद्धि से ही अपने विवेक से सही चीजों को पढ़ के और उनको अपने जीवन में धारण करें
    7. दूसरों की मदद करना यह मेरे अंदर 1 गुण आप कह सकते हैं
    8. मेरे अंदर अवगुण हैं कि मैं भावुक हो जल्दी हो जाता हूं
    9. मैं प्रतिदिन ओम का जाप और एक समय संध्या उपासना प्रतिदिन करता हूं
    10. मेरे जीवन की एक यही एक घटना है कि मुझे जाति सूचक शब्द कहकर कई बार प्रताड़ित किया गया है और मैंने यही जीवन में ठाना है कि मैं जातिवाद और छुआछूत को इस देश से अलग कर दूंगा संजीव कुमार पुत्र श्री वेद प्रकाश ,पता -मकान नंबर -118 ,गांव -हरसांंव, बाल्मीकि मोहल्ला नियर शिव मंदिर ,थाना -कविनगर ,जिला -गाजियाबाद ,पिन कोड -201001
    मोबाइल नंबर 75 32 98 95 90 ,
    दूसरा मोबाइल नंबर 98 10 91 28 90

  21. Que.1
    Ans.- THANKS BHARAT brings LIGHT OF TRUTH to me I came to know the book ;satyarth prakash; by this channel which opens the true way to acess what human life is seeking for.

    Que.2
    Ans.- One can find “milawat” in religious texts by keeping in mind the ”prakanan”[background theme].

    Que.3
    Ans.- Hindu will rise by knowing their true oneself and its true history.
    Ofcourse Rahul Arya is doing what is written in que.

    Que.4
    Ans.- Trully speaking I have not watched that video yet [exam time].

    Que.5
    Ans.- Every living being is trying for absolute joy[sat chita anand] [eternal bliss].

    Que.6
    Ans.- Character associated with truth. People call it fake because they dont have that and think that is not possible.

    Que7
    Ans.- Truth .

    Que.8
    Ans.- Procrastination.

    Que.9
    Ans.- Yes ; started after reading satyarth prakash in 2017.

    Que.10
    Ans.- Subscribing Thanks Bharat Youtube Channel. IT REALLY HELPS!!!

    Name – Pradumn Yadav
    Address- Gorakhpur ;Uttar Pradesh
    Mobile no.-9795083481

  22. nkit srivastav
    1. Thanks Bharat se judne ke baad mujhe apne dharm ka sahi gyan prapt hua mai dhong pakhand mansahar adi chhodkar ek acha arya (shreshtha) manushya bana
    2.ek hi shastra me virodhabhas, tarkvirudh batey, vedvirudh baate khojkar
    3.hinduo ke uddhar tabhi hoga jab wo pakhand chhodkar ved, upnishad, darshan, Geeta jaise aarsh grantho ko padhkar apne jeevan me aply Kare tatha Rahul arya bhai buraiyo ka bilkul thik pramadik virodh karte hain
    4.tarkpurn manthan Karen
    5.gyan ki prapti ka
    6.manushya ko uska gyan ,sadachran aur paropkarita mahan banata hai kuch log ise dikhava kahte hain kyoki log jis soch ke hote hain unhe saari duniya waisi hi lagti hai jab kisi ka achran acha nhi hota to wo dusro ke sadachran ko dikhawa kahte hain
    7.purntaya imandaar
    8.fasad ya samne wale ko bura na lage is karan se satya bolne se jhijhakna
    9.ha
    10.

    Name Ronak
    Mob. 7372975984
    Add. Near Dhaiji ka darwaja, jhanda gali
    Pratapgarh (raj)

  23. 1.Thanks bharat से मेरे जीवन मे धर्म को आवर अधिक जानने की चाहत पैदा कर दी।
    2.धर्म ग्रंथो में एकाएक एक विसय से दूसरे विसय के बारे में बताया जाय तो समझ जाना चाहिये यहाँ पर मिलावट किया हुआ है।
    3. हिंदुओ का उत्थान पाखंड को छोड़ के वेदों की ओर लौटने से ही हो सकता है। दुसरो को भला बुरा कहने से अच्छा है अपने अंदर की टैलेंट आवर कैपेसिटी को पहचान
    कर के कार्य करना चाहिये।जी अवसय सनातन धर्म के नाम पर आय हुय पाखंड पर आघात करना ही चाहिए।
    4.आपसी मत भेद की अवस्था मे एक दूसरे को गाली देने के बजाय सचाई से अवगत होना चाहिये, किसी से हमारा कोई बात से मतभेद हो सकता है मनभेद नहीं।
    5. हर आदमी सुख शांति के लिये प्रयास करता ह।
    6.वयवहार आवर कर्म से आदमी महान बनता है क्योंकि आदमी के पास कर्म करने से सिवाय कोई उपाय नहीं है।
    7.साहस।
    8.बहुत अधिक घूमना।
    9. मै एक छात्र हु इस कारण ओम का जप कभी कभी jai sri राम रोज बिल्ट हूँ दोस्तों के साथ।
    10.मै क्रिस्टिन के साथ बहुत अधिक घुल मिल गया था यहां तक कि चर्च में भी जाने लगा था लेकिन thanks भारत से जुड़ने के बाद सब अपने आप तजिक हो गया।
    स्टेट -झारखंड
    गावं-कर्रा
    Ph-7903804312

  24. 1) some of the doubts which i have earlier while reading satyarth prakash and regarding ramayana and Mahabharata has been cleared.
    2)every writer has own its style of writing and also by regarding to vedas.
    3)hindus upliftment can occur only by following the path of vedas in their life.
    Knowing themselves and also the wrong things which are in others books.rahul aryaji do the right thing by knocking on the wrong sanskaran of people.
    5)human wants to find shanti which can only be found in the bliss of goddess
    7) to say right right and to say wrong wrong.that is calling spade a spade.
    8)ignorance
    9)i only do havan with gayatri mantra.and dont do om jaap.
    10)when i was ill i was told by doctors to take non veg or egg but i refuse .as i had already had little knowledge of vedic dharma so during my illness i continue with my food style which was vegetarian and that too without onion and garlic .the only thing i added in food extra was desi cow milk and i was amazed as i recovered very quickly .later my doctor was showing his junior the difference in reports though my doctor doesnot know the main cause .but in the end i came to know.thats why jai hai mata and jai vedic dharma.
    6)i think i’t is knowledge because without it we cannot distinguish between right and wrong according to vedas.it also leads to vivek .it is said that viveksheel person remains call and act in righteous way even in difficult situation.

  25. 1 थैंक्स भारत से पहले आप से जुड़े थे बुद्धि मैं जो विकास आर्य समाज और आपके साथ जुड़ने से हुवा वो कही भी नही हो सका जीवन मे बदलाव आया कि अब आगे झूठ क्या है और सच क्या

    2 इसका सीधा तरीका है जो बात वेद विरुद्ध है वो सभी ग्रन्थ मिलावटी है। क्यो की वेद किसी व्यक्ति विशेष नही जुड़ा वह ईश्वर का ज्ञान है वह किसी व्यक्ति विशेष की बात नही करता सर्वहित की बात करता है
    3 हिंदुवो का उथान उस हर हिन्दू को जागृत हो करना होगा जो वैदिक धर्म से जुड़ा है हमे सबसे पहले घर का उथान करना होगा और राहुल आर्य द्वारा डाली गई सभी वीडियो ने हिंदुवो की आंखे खोल दी
    4 आपसी मतभेद हो तोह उन कारणों को दूर करना चाइये जिन से आपसी मतभेद न हो क्यो की जब व्यक्ति उच्चाई पर चला जाता है अपनी कोर टीम को भूल जाता है व्यक्ति को हमेशा पहले अपने घर की बाड़ करनी चाइये ताकि वह दूर तक कार्य करे और दूसरी बात अगर मतभेद ज्यादा हो तोह बातचीत कम कर देवे।
    5 आज के समय प्रत्येक व्यक्ति फेम् चाहता है और जब उसे मिल जाती है तोह अपने दोस्तों को भी भूल जाता है जिन्होंने आंख बंद कर के उसका साथ दिया था फिर उसको लगता है अब वो जैसा कर रहा है वो ठीक और दूसरा जो बोल रहा था वो गलत क्यो दोस्ती से पहले उसको अपनी इमेज ज्यादा इम्पोटेंट लगती है
    6 मनुष्य को उसका व्यवहार काल महान बनाता है
    पर वो व्यवहार काल उसके काम के लिए होता है बाकी बाद व्यवहार काल बदल जाता है और उसके अच्छे कार्य
    7मेरा स्वभाव यही जिसको दोस्त मानता उस पर आंख बंद कर के भरोसा करता है उसके साथ कार्य करता हूं
    8मेरा अवगुण ये है कि मैं दुसरो की टेंशन ज्यादा करता था सब को एक करने मे लगा रहेता था पर मैं विफल हुवा पहली बार
    9मैं प्रतिदिन ओम का जाप करता हु और नेक कार्य के लिए ततपर रहेता हु
    10 मेरे जीवन की घटना यही है मैं किसी को स्पस्टीकरण नही दूंगा अब क्यो की जितनी बार मैंने स्पस्टीकरण दिया उतनी बार मुजे सुनने को मिला है जिंदगी एक सोच किसी पर विस्वास करना है तोह पूरण तरीके से करो नही तोह दोगला जैसा व्यवहार मत करो।

  26. (10 ). Mere jeevan ki ghatna -:

    Aaj se kareeb 2 saal pehle ki ghatna hai , garmiyo ke din chal rahe the mai kaafi vakt se mandir nahi jaa paa raha tha kyuki un dino mai bahut vyasth chal raha tha, ,halaki mai bhagwan ki pooja roj karta tha par mai mandir nahi jaa paata tha,,, to un dino maine tay kiya ki mai somvaar ko mandir jaaungaa aur shivling ka bahut hi achhe se dugdhabhishek karoonga, ,, aur us din mai ghar se doodh lena bhool gaya aur raste me maine socha koi baat ni mandir k aas pass kahi doodh mil jaayega aur jab mai mandir pahucha tab mai bahut si Dukaano me gaya parantu doodh kahi ni mila aur is dauran kareeb 30 se 45 min mai bhataktaa raha parantu doodh ni mila fir mai doodh dhoondhte dhoondhte mandir se bahut door aagaya fir jaake muje doodh prapt hua, , aur fir mai mandir gya aur jaise hi mai mandir jane laga to vaha Bandar mil gaye aur unhone mera doodh le Liya aur use pee Liya aur fir mai hatash ho gaya aur socha ki mujhe kareeb ghanta bhar lag gaya doodh lene me aur vo bhi mai shiv ji ko chada ni paaya. . Halaki mujhe pata tha ki mera doodh ek prakar se bhagwan ne hi piya hai aur mujhe is baat ki khushi bhi thi parantu meri bahut dino se ye abhilasha thi ki mai doodh se shivling ka abhishek karoo, ,,,, 😊
    Fir meri antaraatma ne vaha kaha ki sayad bhagwana tumhari pariksha to ni le rahe ki tum itne dino se doodh chadhna chahte ho kya chada paoge, ,, fir ek or mere dimaag me chal raha tha ki doodh koi jaroori nahi hai bhagwana to bas bhakt ki bhakti se parsann hote hai par maine kaha ni mai doodh bhi chadhaongaa fir mai vapas gaya 1km kareeb doodh lene paidal kyuki mai is ghatna k dauran paidal hi tha aur ant me mai doodh lene gaya to jisse maine doodh Liya tha uske pass bhi khatm ho gaya tha aur fir mai aur thodi door gaya fir vaha jake mujhe doodh mila to mai fir se vapas jake mandir gaya aur anttah maine shivling pe doodh chadaya, ,, aur is poori ghatna k dauran mai paidal chalte bahut thak gaya aur poore sareer me paseena tha mere par maine apna vachan nibhaya man hi man jo maine shivling pe doodh chadhne ka khaya tha aur doodh chadate vakt mera Sar ka paseena bhi shivling pe chadha. ☺….. … jai bhole Nath

    Isse ye seekh milti hai ki ishwar hamari pareeksha lete hai jo ki vo pariksha hamari apne aap se hi hoti hai, ,,to us vakt hame dhairya se us pareeksha me dridhtaa se safal hona padta hai. ………
    .

    Thanks. ……..

    (9). Mai roj subha utthe hi om ka uchharan karta hoo, Maha mrityumjay mantra, gayatri mantra, vishwani dev mantra ka jaap karta hoo aur mangalvaar k din hanuman chalisa bhi padhta hoo. . aur mai yoga karte vakt bhi om ka uchharan aur jaap karta hoo. …..

    (8) mera ek sabse bada avgun yah hai ki mujhe krodh bahut jaldi aata hai, ,,,
    Par yah bhi baat hai ki mujhe koi vyarth krodh ni aata jab kahi kuch galat ho raha hota hai , aur galti karne vala aur teevra ho rha hota hai apni galat harkato par us samay uske virodh me mera gussa aur badh jata hai. ……..

    (7). Mere sabhi guno me jo mujhe sabse achha gun lagta haii vo ye hai ki mai kisi bhi vyakti ko kisi bhi prakar ke dukh, pareshani me nahi dekh saktaa. ..chahe vo koi bhi ho aurat, bachhe, bujurga, jaavan ,, ya fir vo koi jaanvaar bhi kyu na ho … jaise ki agar koi bhookha hai to mai apna khana usko de deta hoo koi bimaar hai use bhi mai doctor k pass dikhane le jaata hoo saath me ya mera koi dost ya rishtedaar ko paiso ki jaaroorat hai to unki madad karta hoo.janvaro ko bhi kahana khilata hoo, gaaayo ki madad karta hoo, , aur bahut baar kutto ko khujli ho jaati hai mere aas pass rehte hai unke liye powder bhi lata hoo khujli vala jinse ve theek hote hai. …..100 baat ki 1 baat mai kisi bhi praani ko takleef me ni dekh sakta
    .. ….

    (6) manushya ko uske karma maahaan banate hai :::: ek kahavat hai

    “””Janam maran k madhya hai jeevan karma pradhan, ,, ujjwal jiska karma ho jeevan vahi maahaan, ,,,,,.

    (5 ). Pratyek manushya sukh, shanti, samriddhi, naam ,, paiso ityadi k liye prayatn karta haii. …

    (1).thanks bharat se Mere jeevan me bahut badlaav aaya kyuki Rahul bhai ki vajah se mai ab poorna satya ko jaana pata hoo, ,, tark k hisab se satya se aur pramaan se ab mai bahut kuch Jaan paya hoo jaise ved puraan ramayana Maha bharat ityadi aur mukhya baat jeevan ko ab sahi roop se samajhne laga hoo

    (2) jab ham arya samaj se judenge, , snatan dharma aur vedo ko padhenge jo ki sahi jo jaise ki Rahul bhai batae hai ki sahi granth kharide jo ki jhajjar gurukul se milti hai. …

    (3) hinduo ka uddhar tab hoga jab ham sab ki vichaar dhara ek hogi na ki ek doosre ko koste hue aur aapne ko bhi pehchana bhi bahut avashyak hai kyuki isse ham apne aap ko jayenge aur jeevan path ko jayenge aur apne karya ko sahi pehchanenge aur Rahul bhai aap bahut achha karya kar rahe hai aur keval satya bolte hai jisse ki sachhe manushya ko kisi bhi prakaar ka aghat ni lagta, ,, agghat unko glata hai jinme sachhi sunne ki koobat ni hai.

    (4).apas me ladne jhagadne se kuch ni hoga hamko ek hokar satya ko jaana hoga aur auro ko bhi jaagrook karna hoga jisse ki ham fir se akhand bharat bana paaya jo ki pehle tha. .. kyuki jab ham ek honge ,hmari vichaar dhara ek hogi aur ham ek doosre k liye balidaan denge tabhi bharat ko ham fir se akhand bana sakte hai aur isse vishwaguru bhi bana sakte hai jo ki ham pehle the aur yahi sab pehle gurukulo me sikhaya jata tha ki hame ekta aur samarpan ki bhawna me sadaiv rehna hai. …………….

    Thanks to thanks bharat channel and Rahul arya….

    Mera parichay

    Vishal shah

    Sitapur (up )
    Saraffa mandi

    7348226026

  27. पता ग्राम बगड़ी जिला धार m.p पिन नंब454001 फोन नंबर7974749489 says:

    १ में अपने धर्म को अच्छे से जानने लगा हूं, पहले कुछ भी नहीं जानता था।
    २ जिस घटना पर चर्चा चल रही हों और एकदम से विपरीत प्रसंग आना
    ३ हिन्दुओं का उत्थान अपने धर्मग्रंथों को पहचान कर और उनके द्वारा बताए गए मूल्यों पर आचरण करके ही हो सकता है।

    ५ प्रत्येक प्राणी ज्ञान प्राप्ति के लिए प्रयत्न करता है
    ६ विनम्रता और लगातार सीखने का गुण मानव को महान बनाता है
    ७ अपनी ईमानदारी।

    ८ जीवन के प्रति निराश का गुण दूर करना चाहूंगा।
    ९ आपके संपर्क में आने के बाद करता हूं पर लगातार नहीं।
    १० थैंक्स भारत से जुड़ने के अलावा तो इतनी जल्दी नहीं बता सकता

  28. 1.mere jiban ko satya ka marg darsan prapt hua.

    2. veda ki gyan prapt karke dharm grantho ki milabat pata karsakte hain

    3.hinduo ki utthan hinduo ki ekta se hi hoga
    swayam ko pehechan kar
    jo satya he wohi kehete hain aap jo jhut, pakhand he use pakhand kehete hey usey main sanatan
    dharm ke prati kothor aghat nahi manta.

    7. respect karna main kisi bhi kimat par khona nahi chaunga

    8. alsi hona mera abgun he main usey hamesa dur kar dena chata hun

    9. prati din nahi kar pata hun

    maine sab prasn ke uttar nahi de paya. mere uttar main truti hey toh khyama chahata hun.

  29. 1- Sare Ibrahamic Religion ka jhoot sanatan dharm me bhi milawat pata chala
    2- Jaha bhi chamatkar ya akaalpanik baate ho
    3- Utthan ke liye pahle ekjoot hoona hooga or phir sab ke beech vedas ka parchar karna hooga
    4- Gali ke sthan par aise logo ka sarvajanik bahishkar karna cahiye
    5- Satya ki khoj karte hue moksha cahta hai
    6- Manushya ka karam usko mahan ya neech banata hai
    7- Mai hamesa kisi ke samne bolta hu bhale hi samnewale ko accha lage ya bura
    8- Bahut Jaldi Gussa atta hai or Galiyan bhi bahut deeta hu
    9- Jee Mai Om ka to nahi par Din raat #JaiSiyaRam ki raat or dhun me mast rahta hu
    10- Maximum time bhikari ko paisa to nahi deeta par koi khane ke liye mangta hai to usse jarur khilata hu

  30. Anand jaunjale
    Plot no. 27.
    Bharat nagar 2
    Sai nagar
    Amravati
    Maharashtra
    Mob. 9130708499

    1. Rahul bhai pahle main nastik tha aka aap ke karan main astikta ki aur laut aya hu.
    Aur jis puran ko main dharm granth manta par apke vajah se ved hi apne dharm granth hai yah Jan paya aur satya sanatan vedic dharm hi sachcha aur manavtavadi Jan paya.
    2. Milavati grantho ko pahchanna hai to Janna padta hai karan ke siwa karya nahi. Jab koi milavati slok achanak bina karan ke ajaye aur pahle ke aur abke saloko me visangta aur paras par virodhi bate mile to janle milavati hai.
    Us katha ke Patna ke kalkhand bhi janle to bhi pata lag jata hai.
    3. Pratham apne ved, upnishad, darshan adhi janle khudke dharm ko hi Jan na paye to dusrio pantho ke galtiya nikalna ke ham patrata ke Kabil na hoge. Aur kahi kisi ke samne tik bhi nahi payege.
    Bhai aap sach ka anyina hai agar dusre hum par ugli athaye ya badnam kare to khudke bachaow karna galat na hoga.

    4….
    5. Pratek prani bhautik sukoki Prapti ke liye prayatan karta hai

    5. jo insan jyan ki sampatti ko Prapt karta hai vahi shreth ya arya kahlata hai. Insanki jyan se uske laksh aur use prapt karne ke liye niswarth prayatna se uska aur samaj ka kalyan hota hai.

    6. Panchhi o ke Prati prem.
    7. Alas.
    8. Ha.
    9. Jab main ne sabah uthkar tahana suru kiya to nisarg (paryavaran )ka Anand jan paya. Subhe tahalna muze paryaran ke kuch pas le aya.
    Ab main subhah tahalte vakt ayuvedic plant ke aur panchhi o ke nam yad kar unke Prati Janne ki koshish karta hu. Par bhai es ghatna bite 3 hi haptte huye hai.

  31. Rituraj Aarya, District Tonk Rajasthan mo.8875400855 add.shree Jagdish bhagat s/o prahlad das bhagat plat mo.70 sastrinagar Tonk 304001 Rajasthan says:

    ॐ १) thanks Bharat aasha ki nai Kiran bankar aai h jisane mujhe dharm ka marm hi nai apitu hmare पूर्वजों के, ऋषियों-मुनियों के सत्य-सत्य ghyan,vighyan, science technology, history,etc se avgat karaya h.२)yadi kisi dharm granth mai koi bat vishaya vastu sai alag hai,paraspar virodhabhas h,aur sabse imp ved virodhi h to vah milavati h,,३)स्वand सर्वधर्म ko pahchankar.nai Rahul bhaiya keval satya and dharm se parichit kra rahe h 5)satya,ghyan,dharm,santhi and unnti ke liya 6)ghyan&satya bolna7) dharm &satya ko janne ki utkanta 8)satya se dur bhagna 9)yes,८ parhar karta hun10) Mera Vedic darma ki our aana 4),क्षमा भ‌ईया ॐ शम् !!!

  32. 1..थैंक्स भारत से जुड़कर हमे अपने सत्ये सनातन धर्म और अपने धर्म की मूल आत्मा के बारे में पता लगा।।।थैंक्स भारत परिवार की वजाए से आज पाल पाल पर में अपनी संस्कृति पर गर्व कर पाता हूं और उसके लिए लड़ने के व्रत ले पाता हूं

    2..धर्म ग्रंथो में मिलावट sandhv से paichan सकते है।।जैसे अगर हम मनुस्मृति में मिलावट paichan ni है तो हमे देखना होगा श्लोक से पहले किस के बारे में बात हो रही हैं और देखना होगा अभी वो बात हो रही हैं मतलब जैसे श्लोक से घी के उसे और गौ के लाभ के बारे में बात हो रही है या नही अगर तुरंत बाद हमे मास खाने और गौ मारे वाले श्लोक मिले तो pichan सकते है।।।

    3..हिन्दुओ को कल्याण केबल जब होगा जसब उसे सही गलत में फर्क करने आ जाएगा।।हिन्दुओ को सही गलत और अपना दुश्मन कोन दोस्त कोन पता होगा उसका कल्याण होगा ये तबी होगा जब हिन्दू अपनी संस्कृति को जानेगा और अपने ग्रंथो में क्या लिखा है पड़ेगा।।।राहुल आर्य भाई बिल्कुल सही कार्य कर रहे है।।बल्कि राहुल भाई जी को बदलने की जरूरत नही है बल्कि हिन्दुओ को बदलना होगा और राहुल भाई जी जैसे भाइयो के पार्थ पर चलना होगा
    4..
    5..निरंतर आनद और शांति के लिए प्रयास करता है
    6..मनुष्यों को मेरे ज्ञान के स्तर के हिसाब से “बड़पन” ही महान बनाता है क्योंकि साबसे कठोर ये काम होता है क्योंकि हर व्यक्ति सिर्फ पाना चाहता देना नही।।।पर बड़पन दिखने वाला व्यक्ति अपने हित को अलग रख दूसरे के हित को आगे रखता है।।।मेने महसूस किया है हर कोई छोटा बना चाहता है क्योंकि उसको प्यार और आराम मिल सके पर बड़ा बना बहुत कठिन है इसके लिए आपको बहुत त्याग देने पड़ते है।।और हर कोई इसे दिखवा बोलता है।।क्योंकि इस व्यवहार में हमेसा ये लगता है कि व्यक्ति जान बूझकर कर रहा है।।
    7..बड़े मुक्काम पाने की निरंतर इच्छा
    8..आलास
    9..नही पर अब करूँगा।।
    10..एक बार एग्जाम के सिलसिले के कारण मुझे झांसी जाना पड़ा और एग्जाम देकर जनरल क्लास में लौट रहा था उस भोगी में बहुत भीड़ थी बहुत मुश्किल से खड़े होने की जागे बना पाया था मेने देखा भगवा रंग पहने एक व्यक्ति खड़ा है मेने कोई बहुत नही करी उनोन्हे मुझ से पूछा एग्जाम देने आए हो ।।मेने कहा हाँ।।पता नही मेने उन से ऐसे ही पूछ दिया कि आप भी उनोन्हे मुस्कराहट से कहा नही मेरी उम्र नही है।।।मैने आगे पूछा आप रहते किदार हो उनोन्हे कहा जिदर में चला जाऊ उदार रहने लगता हु।।ऐसे ही बात करते रहा में सवाल पूछता रहा पहले निजि पूछ रहा था मुझे पता नही था कि वो एक सन्यासी।।क्योंकि उनोन्हे ऊपर के लिवास तो भगवा कुरत पहन रखा था पर नीचे भगवा पेंट मुझे लगा फैशन होगा।।।।।हमारे पैर के नीचे एक भाई था सारी बात सुन रहा था और वो बोला भाई आपको इसका जबाब चाहये तो किताब पढ़ो(मुझ से )मेने उन सन्यासी से पूछा था में कौन हूं।।
    और मेने उस लड़के से पूछा प्यार से भाई कोन से किताब पढू।।बार बार वो बोले किताब पढ़ो में बार बोलू कोनसी।।वो खड़ा हुआ और अपना परिचय मुस्लिम बताता है और में समाज गया वो किया कहना चाहता है।।तो मेने राहुल भाई और अनये आर्य से सीखे सवाल पूछ डाले।।जिस कारण बहुत तगड़ी बहस हो गयी ।।पर मुझे उदार झटका लगा जब सन्यासी मेरा साथ देने की वाजये उस मुस्लिम लड़के का साथ देने लगा था।।मेने लड़के से पूछा था ।भाई ये batu शिया और सुन्नी दुश्मन क्यों है वो सही जबाब नही दे पा रहा था पर सन्यासी ने कहा अरे शिया सुन्नी आपस बहुत प्रेम करते है मेरे इधर एक साथ कुरान पड़ते है।।मुझे समाज मे नही आया सन्यासी मेरे साथ क्यों नही दे रहे है।।।इसी के कारण भोगी में बैठे लोग मेरा अपमान करने लगे तू तो बाबा की भी बात नही मान रहा है।।।मेने बहुत सवाल पूछे लड़का दे नही पा रहा था पर बाबा की वाजये से बच जाता था।।तो मैने बात खत्म करने की कोसिस करी और शांत हो गया में और बाबा में एक साथ निजम्मुदिन स्टेशन पर उतरे।।उनोन्हे मुझ से कहा मेने जान बूझकर तुम्हें गलत साबित करने की कोसिस की क्योंकि भोगी में बहुत से मुस्लिम थे जो गुस्सा हो रहे थे।।।तुमरी सुरक्षा के लिए मेने करा।।में तब बहुत खुश हुआ पर घर पर सोच के लाग हम पीछे इसलिए है क्योंकि अपने ही वक़्त पर साथ नही देते है।।।क्योंकिभोगी में ऐसा कुछ निसान नही था जिस से पता लग सके लोग मुझ से नाराज है।।।मेरा मना है वो पुराणिक थे और दोगले थे और आर्य को कमजोर किया था।।।पता नही में किया समझना चाहता था पर मेने बोल दिया।।।
    ॐ ॐ ॐ

  33. 1. थैंक्स भारत परिवार एवं आर्य बंधुओं से जुड़कर उन्हें सुनकर मेरा ईश्वर में भरोसा और भी ज्यादा होने लगा ईश्वर को ठीक ठीक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का ज्ञान मिला इससे पहले मैं बहुत कंफ्यूज रहता था धर्म की बातें जो हमें सिखाए गए यह सुनने में आया बड़ों द्वारा बताए गए पता नहीं क्यों संतुष्ट नहीं हो पाता था कुछ प्रश्न मस्तिष्क में रहता ही था पर जब से राहुल भाई एवं थैंक्स परिवार से जुड़ा कुछ कुछ सवाल अभी क्लियर है सटीक है समझने योग्य है एवं समझाने योग्य है
    2: – धर्म ग्रंथ को पहचानने के लिए एकमात्र उपाय यही है वैदिक धर्म में परी परियों की कहानियां नहीं है कपोल कल्पित भ्रांतियां नहीं है वैदिक शास्त्र में ज्ञानवर्धक चीजें होती है ना कि भ्रम फैलाने की तो यह समझना आसान है मेरे हिसाब से
    3: – धर्म का उत्थान लोगों मैं ज्ञान से ही संभव है वैदिक धर्म वैदिक शास्त्र इसके प्रचार-प्रसार से ही संभव लगता है अन्यथा सैकड़ों लोग हैं जो पुराणों में मिलावट करके हिंदू धर्म का पतन के रास्ते ले जाने में उतारो है वह भी केवल अपने लाभ के लिए हर धर्म में अपने-अपने अलग-अलग जात बनाकर सिर्फ उन तक ही सीमित रखते हैं एक ग्रुप बना लेते हैं हजारों संस्थाएं है ईश्वर निराकार है लेकिन इस संस्थाओं ने अपने अपने ईश्वर को पकड़ रखा है वह समझते हो वही है बस उनके भगवान ईश्वर तो मेरे हिसाब से वैदिक धर्म का बड़े से बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार बहुत ही आवश्यक है राहुल भाई ने भाई सनातन धर्म पर आघात नहीं करते वे सिर्फ सनातन धर्म समझाने की कोशिश करते हैं जो कि जरूरी भी है सनातन धर्म को सत्य के पटल पर 100% खरा समझाते हैं मैं बहुत आभारी हूं राहुल भाई का मेरी जैसी आंखें खुल गई और और भाई सनातन धर्म के उस विभाग को आघात करते हैं यहां सैकड़ों मिलावट बनाकर धर्म का प्रचार प्रसार किया जाता रहा है केवल स्वयं के लिए संस्थानों के लिए तो राहुल भाई तो बहुत बहुत धन्यवाद के पात्र हैं लोटे में आधा- अधूरा ज्ञान लिए घूमते हैं राहुल भाई ने सिर्फ एक कंकड़ का काम किया है जैसे लगता उछल पढ़ते हैं पानी की तरह
    5:- ज्ञान
    6: – मनुष्य को महान बनने में एकमात्र कारगर है वह सत्य है एवं सत्य का आचरण, सत्य के का साथ एवं अहिंसा का पुरजोर विरोध इंसान को महान बनाता है लंबे समय तक क्योंकि सिर्फ सत्य से ही ही आप बड़े से युद्ध जीत क्योंकि सत्य का ज्ञान है कुंठित बुद्धि में विकास का कार्य संभव है
    7: – वैसे इसे गुण कहते हैं कि पता नहीं पर हां मैं लोगों से हर किसी व्यक्ति से सम्मान पूर्वक बात करता हूं मैं बहुत कम ही वह होगा कि लोगों से में संतोषजनक रूप से बात किया हूं मैं बस मेरा बस यही गुण है खोना नहीं चाहता लोगों से अच्छे से सम्मान से प्रेम स्वभाव से ऐसे ही बात बात करूं बस यही चीज है बस यही है जिसे मैं खोना नहीं चाहता थोड़ा अटपटा जरूर है और यही है
    8: – मैं लोगों को समझाने में असमर्थ रहता हूं बस यही है जो मुझे पता है वह लोगों को समझाने में सटीक तरह से समझाने में मुझे समस्या होती है यह भी हो सकता है कि मुझे कि मैं समझा रहा हूं पूरा ज्ञान ना हो यह भी संभव और जो है यही है
    9: – हां पर कुछ क्षण है मैंने अपनी पूजा की विधि छोड़ी नहीं है पर मैं ओम का जाप कुछ क्षण कर लेता हूं
    10: – नहीं
    Yug damai
    Phone. 8000112999
    Add. chharwada road ,sagam society shop no. 11,b/h rofel college vapi Gujarat pin. 396195

  34. 1. मेरे जीवन में जो पाखंड, अंधविश्वास, ढोंग, आदि थे उनका खंडन हुआ और सत्य धर्म का मंडन हुआ।
    2.अगर ग्रंथ में किसीं एक विषय का मंडन चालू है और उसमे उस विषय के विरुद्ध बात चालू हो चुकी हो तो ओ ग्रंथ मिलावटी है। क्योकी कोई लेखक एक ही ग्रंथ में विरोधाभास नही कर शकता।
    3. हिंदुओ का उत्थान खुद को पहचानकर ही होगा।
    आगर राहुल भ्राता बुराययो पर कठोर आघात कर रहे है इसी करण अधिक लोग पाखंड को त्यागकर पुनः आर्य बन रहे है।
    4.शिक्षा देकर प्रेम से रहे।
    5.ईश्वर के शोध के लिये।
    6.बुद्धी ये गुण मनुष्य को श्रेष्ठ बनात है। लेकीन कुछ लोगो को ये दिखावा लागता है।
    7. निस्वार्थी होणा।
    8.अभिमान
    9.जी बिलकुल करता हूं।
    10.पुनः सत्य धर्म के पथ पर चाल पडा।

    नाम:-प्रेमराज वारे
    नंबर:- 7588810181
    पत्ता:-चोपडा लै आऊट, बस स्टँड के पास बुलढाना, महाराष्ट्र।

  35. १. थैंक्स भारत के कारण मेरे जीवन में काफी सारे बदलाव आए, हमारे इतिहास को देखने का नजरिया ही बदल गया।
    २. कहीं भी कटाक्ष वाली बातें हो या फिर कहीं भी कुछ लिखा हो और दूसरे ही श्लोक पर उसकी उल्टी बातें लिखी हो।
    ३. अपने आप को पहचान कर हमारा भला होगा और और दूसरों के प्रश्नों का सही उत्तर देकर।
    कठोर तो नहीं पर पर कोई मुस्लिम भाई बहन देखता होगा तो उसको बेहद दुख और गुस्सा आएगा अपने पूर्वजों पर।
    ४. पहले अच्छे से सुने और फिर उत्तर दें।
    ५. मोक्ष की प्राप्ति के लिए।
    ६. दूसरे इंसान के लिए या प्राणी या जानवर के लिए दया और करुणा की भावना। क्योंकि आज के समय में लोगों को लगता है कि यह दिखावा है क्योंकि उसमें उन लोगों का कोई फायदा नहीं यह उन लोगों को लगता है।
    ७. दूसरों के लिए करुणा दया।
    ८. एक विषय पर ज्यादा गहराई से सोचना कभी भी।
    ९. प्रतिदिन किसी टाइम पर तो नहीं पर कभी भी क्षण करता हूं।
    १०. कोई ऐसा कार्य जो उनके लिए मैं कर सकता हूं उस क्षण।

  36. 1 धर्म को जाना
    2 एक ही ग्रंथ में परस्पर विरोधी बात होने से ओर बिषय है हट कर बात होने से
    3 अपने धर्म ग्रंथों को पढ़कर ही हिंदुओं का उत्थान होगा। नहीं राहुल आर्य ने केवल सत्य की आइनादिखाया है।
    4
    5 भोजन
    6 पुरूषार्थ
    7 सत्य बोलना
    8 अपने इन्द्रियों पर नियंत्रण
    9 हाँ
    10 महर्षि दयानंद सरस्वती की लिखी सत्यार्थ प्रकाश को पढ़ कर मेरा जीवन बदल गया। सबको ये ग्रंथ पढ़ना चाहिए।

    Bhanja kishore sahoo, Rungta colony, Qr no – EK / 2D, Barbil, Keonjhar, Odisha

    Contract – 7978957944

  37. १उ -एक आर्य बनने की। ‌‌‌‌
    ३उ-स्वंय को पहचानकर।हां।
    २उ-आर्य संस्कृत का ज्ञान पाकर।
    ५उ-आनंद(सुख) प्राप्ती के लिए हर संभव प्रयास करता है।
    ६उ-ज्ञान , क्योंकि ज्ञान से विवेक का उद्भव होता है।
    ७उ-आर्य पुस्तकों का स्वाध्याय।
    ८उ-आलस्य और झूठ बोलना।
    ९उ-हां और गायत्री मंत्र।
    १०उ-ज्ञानवान व्यक्ति के संपर्क में आने से।
    ४उ-आत्मियता और सद्भावना से एक दुसरे को समझेंगे ।

  38. 1. थैंक्स भारत परिवार एवं आर्य बंधुओं से जुड़कर उन्हें सुनकर मेरा ईश्वर में भरोसा और भी ज्यादा होने लगा ईश्वर को ठीक ठीक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का ज्ञान मिला इससे पहले मैं बहुत कंफ्यूज रहता था धर्म की बातें जो हमें सिखाए गए यह सुनने में आया बड़ों द्वारा बताए गए पता नहीं क्यों संतुष्ट नहीं हो पाता था कुछ प्रश्न मस्तिष्क में रहता ही था पर जब से राहुल भाई एवं थैंक्स परिवार से जुड़ा कुछ कुछ सवाल अभी क्लियर है सटीक है समझने योग्य है एवं समझाने योग्य है
    2: – धर्म ग्रंथ को पहचानने के लिए एकमात्र उपाय यही है वैदिक धर्म में परी परियों की कहानियां नहीं है कपोल कल्पित भ्रांतियां नहीं है वैदिक शास्त्र में ज्ञानवर्धक चीजें होती है ना कि भ्रम फैलाने की तो यह समझना आसान है मेरे हिसाब से
    3: – धर्म का उत्थान लोगों मैं ज्ञान से ही संभव है वैदिक धर्म वैदिक शास्त्र इसके प्रचार-प्रसार से ही संभव लगता है अन्यथा सैकड़ों लोग हैं जो पुराणों में मिलावट करके हिंदू धर्म का पतन के रास्ते ले जाने में उतारो है वह भी केवल अपने लाभ के लिए हर धर्म में अपने-अपने अलग-अलग जात बनाकर सिर्फ उन तक ही सीमित रखते हैं एक ग्रुप बना लेते हैं हजारों संस्थाएं है ईश्वर निराकार है लेकिन इस संस्थाओं ने अपने अपने ईश्वर को पकड़ रखा है वह समझते हो वही है बस उनके भगवान ईश्वर तो मेरे हिसाब से वैदिक धर्म का बड़े से बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार बहुत ही आवश्यक है राहुल भाई ने भाई सनातन धर्म पर आघात नहीं करते वे सिर्फ सनातन धर्म समझाने की कोशिश करते हैं जो कि जरूरी भी है सनातन धर्म को सत्य के पटल पर 100% खरा समझाते हैं मैं बहुत आभारी हूं राहुल भाई का मेरी जैसी आंखें खुल गई और और भाई सनातन धर्म के उस विभाग को आघात करते हैं यहां सैकड़ों मिलावट बनाकर धर्म का प्रचार प्रसार किया जाता रहा है केवल स्वयं के लिए संस्थानों के लिए तो राहुल भाई तो बहुत बहुत धन्यवाद के पात्र हैं लोटे में आधा- अधूरा ज्ञान लिए घूमते हैं राहुल भाई ने सिर्फ एक कंकड़ का काम किया है जैसे लगता उछल पढ़ते हैं पानी की तरह
    5:- ज्ञान
    6: – मनुष्य को महान बनने में एकमात्र कारगर है वह सत्य है एवं सत्य का आचरण, सत्य के का साथ एवं अहिंसा का पुरजोर विरोध इंसान को महान बनाता है लंबे समय तक क्योंकि सिर्फ सत्य से ही ही आप बड़े से युद्ध जीत क्योंकि सत्य का ज्ञान है कुंठित बुद्धि में विकास का कार्य संभव है
    7: – वैसे इसे गुण कहते हैं कि पता नहीं पर हां मैं लोगों से हर किसी व्यक्ति से सम्मान पूर्वक बात करता हूं मैं बहुत कम ही वह होगा कि लोगों से में संतोषजनक रूप से बात किया हूं मैं बस मेरा बस यही गुण है खोना नहीं चाहता लोगों से अच्छे से सम्मान से प्रेम स्वभाव से ऐसे ही बात बात करूं बस यही चीज है बस यही है जिसे मैं खोना नहीं चाहता थोड़ा अटपटा जरूर है और यही है
    8: – मैं लोगों को समझाने में असमर्थ रहता हूं बस यही है जो मुझे पता है वह लोगों को समझाने में सटीक तरह से समझाने में मुझे समस्या होती है यह भी हो सकता है कि मुझे कि मैं समझा रहा हूं पूरा ज्ञान ना हो यह भी संभव और जो है यही है
    9: – हां पर कुछ क्षण है मैंने अपनी पूजा की विधि छोड़ी नहीं है पर मैं ओम का जाप कुछ क्षण कर लेता हूं
    10: – नहीं

  39. १.Thanks bharat से जुड़ने के बाद धर्म को सही रूप में जाना एवं ईश्वर व धर्म को लेकर मन के अनेक संशय दूर हुए।
    २.किसी एक धर्मग्रंथ में दो विरोधाभासी बातें नही होना चाहिए।यदि ऐसा है तो उसमें मिलावट है।

    ३.हिन्दुओं का उत्थान वेदों की शिक्षा को धारण करके एवं अपनी व अपने धर्म व कर्म की कमियों को दूर करके होगा न कि किसी ओर को भला बुरा कहके। जी राहुल आर्य जी बिना पक्षपात किये सनातन धर्म की सभी बुराइयों पर कठोर आघात करते हैं।
    ४. एक जुट होकर बाहरी दुश्मन का सामना करें।
    ५. मोक्ष की प्राप्ति के लिए।
    ६. उसकी सत्य को जानने की जिज्ञासा
    ७. मेरे अंदर बचपन से ही अपने राष्ट्र व प्रकृति के लिए प्रेम है, जिसे कभी नही खोना चाहूंगा।
    ८.लोग क्या कहेंगे इस बात का भय।
    ९. जी हा प्रतिदिन ॐ का ध्यान करता हूं।
    १०. मुझे पहले अपने आस पास की घटनाओं से कोई लेना देना न था। किंतु मेने अपनी इस बुराई को धीरे धीरे दूर किया।

    Utkarsh upadhyay
    DK-5/54 danish kunj bhopal(m.p.)
    9713536909

  40. 1 thanks bharat se judne k baad mene shi shi dharm, itihaas(history) ko jana or ham(arya) kaise or kyu the hamara vijyaab kya tha ye sb jaana hai, mere man me apne granth me btayi gyi sabhi katha kahaniyo or bhagwaan(like ram and krishna) se related kaafi question mind me aate the sb jagah inhe bhagwaan toh kaha gya pr kahi nah kahi inhi per Q bhi uthaye , thanks bharat se mujhe inhi Q ka jawab mila hai

    2. dharm grath me milawat pehechanne k liye shloko ko analyse krna hai k we kis karm me hai, shloke ki baate ek dusre se judi huyi hai y nhi, aisa toh nhi hai k ek topic k baad sidha durse topoic ki baat hone lagi hai, vyakaran kaise hai, superflouse hona bhi milawat ka snket ho skta hai.

    3. hinduo ko pehele apne purvajo k btaye raaste ko apnana hoga pr sb isi fairy tale ko sach mante hai unko kuchh btaye jaaye toh ye bolte hai jo itne saalo se sunaya or btaya ja rha hai wo jhooth hai ? or manne ko teyaar nhi hote ,hinduo ko ek karne k liye ek achha plateform chahiye jaise tv radio etc ye logo ko jyada influence krta hai
    nhi rahul arya ka motive sirf amanavta ko sbke samne lana hai chahe wo sanatan dharm me ho y islam or christenity ,pelehe ghar saaf hoga fir gali fir mohhlla fir aise ho dheere dhere desh bhi.

    4. mat-bhed agar man-bhed hone lage toh baat krna chhor do lekin ek durse k liye man me kadwahat nah paale, kadwahat sirf unke liye jo aapko or aapke rshtya k liye khatra hai unke liye rkhe.

    5 har ek vyakti moksh ki prapti k liye prayas krta hai, wo wapas usi me milna chahta hai jaha se uski utpatti hai.

    6.manav kram yoni me janam leta hai , or manav ka karam hi use sbse alag or mahan bnane ka kaam krta hai jitne hi famous log hai wo jaane jaate hai but puja sirf aise logo ko jaata hai jisne apna karm nibhaya ho chahe desh k liye ,chaye family k liye, kisi k jaane k baad uke karam or manavta ko hi yaad kiya jaata hai current example like rajiv dixit ji unhone bhart ko bharat ki manyatao ke adhar pr fir se khada krne ka karm kiye or wo jane k baad isi kiye jaane jaate hai

    7. humanity(manvta) pr agar koi galat hai or jhoothe aasu dikhaye toh nhi

    8. (kaam talne) ka mtbl apna kaam me kabhi kabhi chhor deti hoon jo fir adhura rehta hai or time bit jata hai

    9. sorry nhi not daily but me krishna ka naam leti hoon bhachpan se, OM ko jab aapki videos dekhti hoon toh apke bokne k baad dohraati hoon

    10. 11vi paas hone k baad me 12 ki classes le rhi thi tab meri maths ki teacher ek surprise test conduct krti hai mere kaafi achhe marks aate hai but teacher ko vishwaas nhi hota wo sochti hai mene cheating ki , wo ye baat class k samne bolti hai jisse mujhe bhut bura lga mene mam ko bola k test mene pura khud kiya hai tabhi man bokti hai dekhte final me kaise aayenge tumhare marks tabhi mene mam ko khud ko prove krke dikhana hai man me socha or khub achhe se padha or 95 gain kiye or mam bhi mere marks or mere ditermination ki tarif kri (or mene bhi ye jana k agar hum man me thaan le toh socha hua haasil kr sktehai apne hard work se.

    KAVITA MEHTA

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